Category Archives: गाँव नाम

प्रधान / सदस्य

SDC11929

ग्राम पंचायत  पतेरवाँ
ब्लॉक : चिराईगाँव
पोस्ट :सारनाथ
थाना : सारनाथ
जिला : वाराणसी – 221007
पंचायत में कुल वार्डों की संख्या : 11
पंचायत का सालाना बजट : 08 लाख

बी. पी. एल. परिवार : 128
ए.पी.एल. परिवार : 564

ग्राम प्रधानम : पारस पटेल

उम्र :46 वर्ष
कार्य : ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले समस्त गाँव के विकास कार्य को देखना एवं उन गाँव का समुचित विकास करना.
सचिव :

पंचायत सदस्य :- 11

नाम उम्र शिक्षा  पिता/पति मोबाइल नं० पता कार्य
बालकिशुन






कविता






रामलखन






राजन






कमलेश






सुनील






बच्चेलाल






अनिता






शीला






राधेश्याम






देवकी






दुर्गावती






वासमति






अनिल यादव






प्रकाशचंद्र






पंचायत का क्षेत्रफल: 1045 हेक्टेयर लगभग
पंचायत की कुल जनसंख्या: 7228 लगभग (पुरुष-40% महिला-35% बुजुर्ग-10% बच्चे-15%)
जनसंख्या घनत्व : 400 व्यक्ति / वर्ग कि०मी० लगभग
साक्षरता : 60% लगभग

शिक्षा केंद्र

प्राइमॅरी विधालयों की संख्या
01
माध्यमिक विधालयों की संख्या
01
इंटर कॉलेजों की संख्या
00
डिग्री कॉलेजों की संख्या
00
आँगन बाड़ी केंद्रों की संख्या
02
पौंड शिक्षा केंद्रों की संख्या 00
रात्रि शिक्षा केंद्रों की संख्या
00
कंप्यूटर शिक्षा केंद्रों की संख्या
00
तकनीकी शिक्षा केंद्रों की संख्या
00
अध्यापकों की संख्या
09
अध्यापीकाओं की संख्या
08
शिक्षा मित्रों की संख्या
04
प्रधानाचार्यों की संख्या
02
छात्रों की संख्या
191
छात्राओं की संख्या
46

कृषि

krishi

गाँव में रबी, खरीफ व धन देने वाली फसल का उत्पादन होता है। देश में हरित क्रांति में जब से बिजली का आगमन हुआ तो किसानों के साथ खेती से जुडे लोगों की स्थिति ही बदल गई। इसके बाद खेतों में ट्यूब वेल लगे और किसानों नें खरीब की फसल के साथ ही रबी की फसल का भी उत्पादन करना शुरू किया। गाँव की अधिकांश कृषि भूमि पर रबी की फसल होने लगी। गांव में रबी की फसल में गैहूं,चना,जौ,मैथी,सरसों आदि फसलों का उत्पादन होता है। खरीफ की फसल में बाजरा, मूंग, ज्वार, बाजरा,  आदि फसलों का उत्पादन किया जाता है। फसल में प्याज,लहसून,जीरा,धनिया आदि फसलों के साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया जाता है। पिछले कई सालों के मुकाबलें किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई तथा उनके रहन सहन में बदलाव हुआ है।

कृषि विभाग की योजना:

  • माइक्रो मैनेजमेंट
  • आइसोपाम
  • कृषि सांखियकी सुधार योजना
  • कपास योगदान
  • फसलों के क्षेत्रफल एवं उत्पादन आँकड़े
  • फसल बीमा योजना
  • कृषक प्रक्षेत्रों पर प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग


रहन-सहन

इस गाँव का रहन-सहन लगभग साधारण ही है जैसा की हर गाँव में होता है यहाँ के लोग कच्चे एवं पक्के मकान में रहते है जो लोग ग़रीब है उनको सरकार की तरफ से इंदिरा आवास के तहत मकान दिए गये है और जो सक्षम है वे अपने बनाएँ हुए मकान में रहते है गाँव के अधिकतर लोग खेती पर निर्भर है और कुछ लोग नौकरी भी करते है चाहे वो सरकारी हो या प्राइवेट सभी लोग कुछ ना कुछ काम करते रहते है ताकी अपना और अपने परिवार का पेट भर सके!

संसाधन / सुविधाएँ

SDC11935

प्रकतिक संसाधन
ग्राम पंचायत में सभी गाँव मे कुल मिलाकर 01 पोखर एवं 01 नदी है जिनसे गाँव वालों का काम होता है इन पोखरों, नदी से खेतों की सिचाई, गाँव के जानवरों को पीने का पानी एवं गाँव के बच्चे इन पोखरों / नदी में नहाते है गाँव की महिलाएँ कपड़े आदि भी धोती है गर्मी के समय इन पोखरों / नदी से गाँव वालों को पानी की ज़्यादा समस्या नही होती है और इनका काम होता रहता है! गाँव पंचायत में कुएँ भी है!

व्यक्तिगत संसाधन
ग्राम पंचायत में कुल 205 हॅंडपंप लगे हुए है जो की गाँव के लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार अपने-अपने घरों में लगा रख्खे है और कुछ हॅंडपंप ग्राम पंचायत ने सार्वजनिक लगाएँ है ताकि रह चलने वालों को पानी की समस्या न हो!

मानव संसाधन
ग्राम पंचायत के सभी गाँवों को मिलाकर करीब पंचायत में 30 प्रतिशत मजदूर, 40 प्रतिशत किसान, 30 प्रतिशत नौकरी एवं व्यापारी लोग रहते है किसान अपनी खेती करते है मजदूर खेतों एवं फॅक्टरी, दुकानों में मजदूरी, कुछ सरकारी-कुछ प्राइवेट नौकरी करते है और अपना एवं अपने परिवार का पालन पोषण करते है!

सांस्कृतिक संसाधन
ग्राम पंचायत में सांस्कृतिक भवन नही है पर यदि गाँव में कोई कार्यक्रम जैसे- शादी, होली, दीपावली, ईद, बकरीद आदि कार्यक्रम गाँव वाले मिल कर कराते है उसके लिए सांस्कृतिक भवन / सरकारी स्कूल के भवन आदि ले लेते है और कार्यक्रम समाप्त होने के पश्चात उसकी साफ-सफाई भी करते है!

यातायात के साधन
ग्राम पंचायत रोड से ज्यादा दूर नही है अतः किसी भी जगह से आने जाने के लिए बस और प्राइवेट साधन उपलब्ध हैं, परंतु सड़क से ग्राम पंचायत तक जाने के लिए पैदल या अपनी सवारी से यात्रा करनी पड़ती है पर कुछ ही दूर के लिए| यहाँ से कुछ ही दूरी पर रेलवे स्टेशन है जहाँ से लगभग सभी जगह के लिए ट्रेन मिल जाती है| हवाई साधन के लिए इलाहाबाद जाना पड़ता है एवं लोगों के पास अपने साधन भी है|

सुविधाएँ
स्वास्थ सुविधा
ग्राम पंचायत में एक स्वास्थ केंद्र है जिसमें एक एम. बी. बी. एस. डॉक्टर, एक समान्य डॉक्टर, एक नर्स, एक ए. एन. एम. बैठिति है एवं गाँव वालों का इलाज करते है स्वास्थ केंद्र होने की वजह से गाँव वालों को समान्य बीमारी के लिए शहर नही जाना पड़ता है उसका इलाज यहीं हो जाता है!

कृषि सुविधा
गाँव वालों के पास खेती करने के लिए पर्याप्त खेती है जिसमें वे लोग अपनी सुविधा के अनुसार फसल लगाते है खेतों में धान, गेंहूँ, मक्का, बाजरा, जौ, मटर, चना, दाल, गन्ना, एवं सब्जी आदि की खेती करते है और कुछ लोगों के बाग भी है जिसमें आम, अमरूद, जामुन आदि के पेड़ लगे है!

संचार सुविधा
पंचायत में लगभग 05% बेसिक टेलिफोन फोन है जो की भारत संचार निगम लिमिटेड के है और 80% लोगों के पास मोबाइल फोन है, और गाँवों में पी. सी. ओ. भी है|

बिजली सुविधा
इस पंचायत में लाइट की ज़्यादा समस्या नही है गाँव में लगभग 10 से 14 घंटे लाइट आती है जिसे गाँव वालों को कोई समस्या नही होती है पर लाइट का समय सही न होने के कारण कभी-कभी समस्या उत्पन्न हो जाती है!

रोज़गार सुविधा
नौकरी : पंचायत में लगभग2% लोग नौकरी करते है (सरकारी / प्राइवेट), 12% लोग किसानी,78% लोग मजदूरी करते है
फैक्टरी : इस ग्राम पंचायत के आस पास औधोगिक क्षेत्र नही है इस लिए यहाँ पर फैक्टरी कम या ना के बराबर है इस लिए लोगों के पास रोजगार कम है जिसके लिए उन्हे गाँव बाहर जाना पड़ता है |
गाँव में : गाँव में कृषि, पशुपालन, डेरी, सब्जी आदि का व्यपार होता है| मुस्लिम लोग मुर्गी पालन करते है, करीब गाँव में सभी प्रकार की फसलों की पैदा वार होती है|